भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, श्रावण शुक्ल, सप्तमी,सौर श्रावण मास प्रविष्टे 16, सफ़र 05, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 31 जुलाई सन् 2025 ई०। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। सप्तमी तिथि अगले दिन तड़के 04 बजकर 59 मिनट तक उपरांत अष्टमी तिथि का आरंभ।
चित्रा नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 42 मिनट तक उपरांत स्वाती नक्षत्र का आरंभ। साध्य योग अगले दिन तड़के 04 बजकर 32 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। गर करण अपराह्न 03 बजकर 51 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा पूर्वाह्न 11 बजकर 15 मिनट तक कन्या उपरांत तुला राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार तुलसीदास जयंती, शीतला सप्तमी।
सूर्योदय का समय - 5 बजकर 41 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 7 बजकर 13 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 18 मिनट से सुबह 5 बजे तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 42 मिनट से 3 बजकर 37 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 42 मिनट से 7 बजकर 23 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 12 मिनट से 11 बजकर 6 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।