“एक्सटेंडेड टीबी मुक्त भारत अभियान" के तहत सभी उच्च जोखिमग्रस्त आबादी की एक्स-रे और साई टीबी टेस्टिंग सुनिश्चित की जाएगी– डॉ. राजेश गुलेरी
“निक्षय मित्र बनकर टीबी से पीड़ित लोगों की सेवा में सहभागी बनें” – डॉ. राजेश गुलेरी
धर्मशाला | 29 जुलाई जिला कांगड़ा में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) के अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन जोनल अस्पताल धर्मशाला के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में किया गया। बैठक का संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला टीबी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद द्वारा किया गया।
बैठक में डॉ. सूद ने जिला में चल रही टीबी उन्मूलन संबंधी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने हेतु समुदाय की भागीदारी को मुख्य रणनीति के रूप में अपनाया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश गुलेरी ने बताया कि एक्सटेंडेड टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सभी प्रकार की उच्च जोखिमपूर्ण आबादी का एक्स-रे तथा साई टीबी टेस्टिंग सुनिश्चित करनी होगी, ताकि अधिकतम जनसंख्या को जांच, उपचार और रोकथाम सेवाएं प्रदान की जा सकें।
डॉ. गुलेरी ने यह भी कहा कि “कार्यक्रम का उद्देश्य केवल आंकड़ों की समीक्षा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की गुणवत्ता को और मजबूत करना है।”
उन्होंने कहा, “निक्षय मित्र बनकर आप किसी टीबी मरीज की जिंदगी में उम्मीद की किरण ला सकते हैं – यह सेवा, सौभाग्य और संवेदना का प्रतीक है।”
डॉ. गुलेरी ने बीएमओ को निर्देश दिए कि जोखिमग्रस्त जनसंख्या — जैसे कि बुजुर्ग, मधुमेह, कुपोषण, धूम्रपान करने वाले एवं एचआईवी संक्रमित व्यक्ति — की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने निजी अस्पतालों को भी अभियान से जोड़ने और एक्स-रे एवं CBNAAT टेस्ट की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
डॉ. सूद ने बताया कि स्क्रीनिंग के बाद यदि कोई लक्षण नहीं मिलता है और एक्स-रे सामान्य आता है तो संबंधित व्यक्ति को टीबी रोकथाम हेतु मुफ्त टीपीटी (Tuberculosis Preventive Treatment) प्रदान की जाएगी।
डॉ. सूद ने बताया कि जिला कांगड़ा रेडक्रॉस द्वारा 50 पोषण किटें भेंट की गई हैं, जो टीबी मरीजों के शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक होंगी। उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों, एनजीओ, संस्थाओं और कॉर्पोरेट्स से अपील की कि वे निक्षय मित्र बनें और टीबी मरीजों को अपनाकर उनकी सेवा करें। इच्छुक व्यक्ति निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या Community Support – Nikshay Mitra पोर्टल के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
डॉ. गुलेरी ने सभी ब्लॉक फार्मेसी अधिकारियों को निर्देश दिए कि दवा आपूर्ति सतत बनी रहे और किसी प्रकार की कमी न आने पाए।
इस अवसर पर डॉ. सूद ने बताया की सोशल मीडिया व प्रचार-प्रसार की गतिविधियों से टीबी मुक्त भारत की चर्चा आमजन तक पहुंच रही है। उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का और बेहतर इस्तेमाल करें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन से उपस्थित डॉ. निकेत ने कहा कि हमें स्पुटम की गुणवत्ता को सुनिश्चित करना होगा ताकि मरीज को बेहतर परिणाम मिल सकें। उन्होंने बताया कि Cy-TB टेस्टिंग की स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स कि चर्चा ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों से की।
अंत में डॉ. गुलेरी ने कहा कि एक समन्वित, संवेदनशील और जवाबदेह दृष्टिकोण ही टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार कर सकता है।
उपस्थित अधिकारी:
इस बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला टीबी कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राजेश सूद, समस्त बीएमओ, एसएमओ, आयुष विभाग धर्मशाला के अधिकारीगण, विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. निकेत, तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से जुड़े स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।