भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज मंगलवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, श्रावण कृष्ण पंचमी, सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 31, मुहर्रम 19, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 15 जुलाई सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 03 बजे से 04 बजकर 30 मिनट तक। पंचमी तिथि रात्रि 10 बजकर 40 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ।
शतभिषा नक्षत्र प्रातः 06 बजकर 27 मिनट तक उपरांत पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का आरंभ। सौभाग्य योग अपराह्न 02 बजकर 12 मिनट तक उपरांत शोभन योग का आरंभ। कौलव करण पूर्वाह्न 11 बजकर 20 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 11 बजकर 58 मिनट तक कुंभ उपरांत मीन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार नाग पंचमी (राजस्थान व बंगाल), मंगला गौरी व्रत प्रारंभ।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 33 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 20 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 12 मिनट से 4 बजकर 52 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 19 मिनट से 7 बजकर 40 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 3 बजे से 4 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 10 बजकर 43 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 8 बजकर 19 मिनट से 9 बजकर 14 मिनट तक। पंचक पूरे दिन रहेगा।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।