भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज रविवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, श्रावण कृष्ण तृतीया, रविवार, विक्रम संवत् 2082। सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 29, मुहर्रम 17, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 13 जुलाई सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक। तृतीया तिथि अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 03 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ।
श्रवण नक्षत्र प्रातः 06 बजकर 53 मिनट तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ। प्रीति योग सायं 06 बजकर 01 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ। वणिज करण अपराह्न 01 बजकर 25 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा सायं 06 बजकर 54 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार कज्जली तीज, पंचक प्रारंभ सायं 06 बजकर 54 मिनट से।
सूर्योदय का समय - 5 बजकर 32 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 7 बजकर 21 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 11 मिनट से 4 बजकर 51 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 20 मिनट से 7 बजकर 41 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
शाम में 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट पर यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 8 बजकर 59 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 5 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 26 मिनट तक। भद्राकाल का समय मध्य रात्रि 1 बजकर 26 मिनट से अगले दिन दोपहर में 1 बजकर 2 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।