भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1947 , विक्रमी संवत 2082, आषाढ़, शुक्ल, पूर्णिमा, सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 26, मुहर्रम 14, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 10 जुलाई सन् 2025 ई॰। सूर्य दक्षिणायण, उत्तर गोल, वर्षा ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। पूर्णिमा तिथि अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 07 मिनट तक उपरांत प्रतिपदा तिथि का आरंभ।
पूर्वाषाढ़ नक्षत्र प्रातः सूर्योदय से लेकर अगले दिन प्रातः 05 बजकर 56 मिनट तक उपरांत उत्तराषाढ़ नक्षत्र का आरंभ। ऐन्द्र योग रात्रि 09 बजकर 38 मिनट तक उपरांत वैधृति योग का आरंभ। विष्टि करण अपराह्न 01 बजकर 52 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - आषाढ़ी पूर्णिमा, गुरू पूर्णिमा, व्यास पूजा, श्री सत्यनारायण व्रत, शिवरायनात्सव, कोकिला व्रत, वायु परीक्षा (सूर्यास्त समय)।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 30 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - 7 बजकर 22 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 10 मिनट से 4 बजकर 50 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 21 मिनट से 7 बजकर 41 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट पर यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 8 मिनट से 11 बजकर 3 मिनट तक। भद्राकाल का समय. सुबह में 5 बजकर 31 मिनट से 1 बजकर 55 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।