भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2082, ज्येष्ठ, शुक्ला, दशमी, सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 22, जिल्हिजा 08, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 05 जून सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। दशमी तिथि अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 17 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
हस्त नक्षत्र प्रातः सूर्योदय से लेकर अगले दिन प्रातः 06 बजकर 34 मिनट तक उपरांत चित्रा नक्षत्र का आरंभ। सिद्धि योग प्रातः 09 बजकर 14 मिनट तक उपरांत व्यतिपात योग का आरंभ। तैतिल करण अपराह्न 01 बजकर 06 मिनट तक उपरांत वणिज करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात कन्या राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्री गंगा दशहरा पर्व (हरिद्वार आदि)।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 22 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 16 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त 4 बजकर 2 मिनट से 4 बजकर 43 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से 3 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 15 मिनट से 7 बजकर 35 मिनट तक। रवि योग पूरे दिन रहेगा।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 6 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 1 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।
Lakshmi Narayan Temple Bohan Jawalamukhi