भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2082, ज्येष्ठ, कृष्ण, तृतीया, सौर ज्येष्ठ मास प्रविष्टे 02, जिल्काद 16, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 15 मई सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक।
तृतीया तिथि अगले दिन तड़के 04 बजकर 03 मिनट तक उपरांत चतुर्थी तिथि का आरंभ। ज्येष्ठा नक्षत्र अपराह्न 02 बजकर 08 मिनट तक उपरांत मूल नक्षत्र का आरंभ। शिव योग प्रातः 07 बजकर 02 मिनट तक उपरांत सिद्ध योग का आरंभ। वणिज करण अपराह्न 03 बजकर 17 मिनट तक उपरांत बव करण का आरंभ। चन्द्रमा अपराह्न 02 बजकर 08 मिनट तक वृश्चिक उपरांत धनु राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह में 5 बजकर 30 मिनट तक।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 4 मिनट पर ।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्य रात्रि रात में 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 38 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम में 7 बजकर 4 मिनट से 7 बजकर 25 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल रहेगा। सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह में 5 बजकर 30 मिनट से 7 बजकर 12 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 2 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।