डॉ राजेश गुलेरी ने एमडीआर टीबी के परिवारों के लिए पोषण सहायता का किया शुभारंभ
कांगड़ा जिला स्वास्थ्य विभाग की वार्षिक जिला स्तरीय समीक्षा बैठक जोनल अस्पताल के मीटिंग हॉल में मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी की अध्यक्षता में आयोजित की गई । बैठक में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ राजेश सूद , जिला कांगड़ा एस एम ओ, ज़िला कार्यक्रम अधिकारी तथा सभी बीएमओ तथा स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी एवम जिला क्षय रोग कार्यक्रम अधिकारी डॉ राजेश सूद ने किया। मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ राजेश गुलेरी ने एमडीआर टीबी के परिवारों के लिए पोषण सहायता का शुभारंभ किया।
इस बारे जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गुलेरी ने बताया कि जिला कांगड़ा में एक अनूठी पहल के चलते बैजनाथ से निक्षय मित्र दर्पण सूद ने 13 एमडीआर टीबी के रोगियों के 38 परिवार सदस्यों के लिए निक्षय पोषण किटें भेंट की।
डॉ गुलेरी ने बताया कि सभी बिगड़ी टीबी रोगियों द्ववारा सहमति के बाद निक्षय पोषण योजना उनके परिवार सदस्यों के लिए जिला में बड़ी अनूठी पहल है। डॉ गुलेरी ने बताया कि यह पहल पोषण वैक्सीन की तरह कारगर बचाव है वही डॉ गुलेरी ने कहा कि राशन ट्रॉयल में देखा गया है कि जिन परिवारों के सदस्यों को अतिरिक्त पोषण दिया गया है उनमें टीबी की कमी आई है ।
डॉ गुलेरी ने निक्षय मित्रों का आभार जताते हुए कहा कि आमजनमानस को भी निक्षय मित्र के रूप में आगे आना चाहिए। डॉ गुलेरी ने कहा कि देश प्रदेश में यह योजना अनूठी पहल है । मुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ गुलेरी ने सभी को पोषण पखवाड़े में बढ़ चढ़कर कार्य करने का आह्वान किया तथा दैनिक प्रतिवेदन पोर्टल पर डालने के दिशा निर्देश दिए। डॉ गुलेरी ने सभी प्रशिक्षण से जुड़ी जानकारी सशक्त पोर्टल पर अपलोड करने पर बल दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया आयुष आरोग्य सेंटर का नाम अब आयुष्मान आरोग्य मन्दिर होगा ।
डॉ गुलेरी ने बताया 14 अप्रैल को आयुष्मान आरोग्य मन्दिर 7वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सभी आयुष्मान आरोग्य मन्दिरों आरोग्य शिविर आयोजित किये जायेंगे ।
बैठक के दौरान विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस पर स्वास्थ्य विभाग जिला कांगड़ा द्वारा धर्मशाला में जिला स्तरीय जागरूकता शिविर आयोजित किया।
इस दौरान जानकारी देते हुए डॉ राजेश गुलेरी ने बताया कि भारत की कुल ग्रामीण आबादी में से लगभग 40 से 45 प्रतिशत मुंह के रोगों से पीड़ित है तथा लगभग 13 व्यक्ति प्रति लाख आबादी के हिसाब से मुख कैंसर लक्षणों से युक्त हैं।
डॉ गुलेरी ने बताया कि मौखिक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता जन्म से लेकर अंतिम समय तक रहती है, जिसमें मुंह की उचित देखरेख, संतुलित आहार, शराब व तम्बाकू पदार्थों का प्रयोग न करना प्रमुख है।
डॉ गुलेरी ने कहा कि मुंह के स्वास्थ्य के लिए उचित रूप से ब्रशिंग, आइने के सामने खड़े होकर अपने मुंह को खोलकर मुंह की स्वयं जांच कर सकते हैं। इस दौरान यदि कोई अवांछित लक्षण जैसे छाले, सूजन या दिखाएं।
बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने बैठक के दौरान जनमानस तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के दिशानिर्देश दिए । बैठक के दौरान आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत विशेष रूप से एबीडीएम से जुड़ी जानकारी विस्तार से दी गई। डॉ गुलेरी ने निर्देश देते हुए कहा कि चिकित्सा अधिकारी समुदाय में स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी जागरूकता बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य वार्ता दें।
डॉ गुलेरी ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित मासिक बैठक में विभिन्न विषयों पर की गई चर्चाओं की जानकारी हैल्थ ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली मासिक बैठक में भी विस्तार से बताएं । बैठक में डॉ गुलेरी ने स्वास्थ्य संस्थानों के आसपास स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए । समीक्षा बैठक में आयुष्मान व हिमकेयर सेवाओं के अन्तर्गत दाखिल रोगियों की निःशुल्क जांच के निर्देश दिए। बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने प्रेस्क्रिप्शन आडिट तथा एफडीसआईपर विशेष ध्यान देने रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए । बैठक में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत सभी स्वास्थ्य संस्थानों व स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को पंजीकृत एवं सत्यापन शीघ्र करने के निर्देश भी दिए ।
बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने विशेष रूप से पोषण पखवाड़ा, एबीडीएम, पीएलडी, आभा आई डी, आयुष्मान आरोग्य शिविर, टेली कंसल्टेशन, आईएफ ए पिंक टैबलेट , आरसीएच पोर्टल, एच एम आई एस , टीवी लेप्रोसी एचबीएनसी, मेडलेपर सॉफ्टवेयर, आई रेड रिपोर्ट, एचबीवाईसी, अनमोल एप, एनक्यूएस (नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम ) से जुड़ी विस्तृत चर्चा के साथ साथ विशेष ध्यान देने के दिशा निर्देश दिए। बैठक के दौरान डॉ गुलेरी ने आर के एस बैठकों, जैस (जन आरोग्य समिति) से जुड़ी मासिक बैठकों को सुनिश्चित आयोजित करने के दिशानिर्देश दिए ।
डॉ गुलेरी ने इस समीक्षा बैठक में सरकार द्वारा चलाए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवम योजनाओं जे एस वाई, मातृ शिशु सुरक्षा कार्यक्रम , एनसीडी, क्षय निवारण कार्यक्रम, एच आईवी एड्स कार्यक्रम , राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम , विफ्स, राष्ट्रीय टीकाकरण मिशन के बारे में विस्तार से चर्चा की गई एवं विभाग द्वारा इन कार्यक्रमों को सुदृढ़ करने के लिए दिशा निर्देश दिए ।