भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081,माघ कृष्ण, त्रयोदशी, सौर माघ मास प्रविष्टे 14, रज्जब 26, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 27 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक।
त्रयोदशी तिथि रात्रि 08 बजकर 35 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ। मूल नक्षत्र प्रातः 09 बजकर 02 मिनट तक उपरांत पूर्वाषा-सजय़ नक्षत्र का आरंभ। हर्षण योग अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 57 मिनट तक उपरांत वज्र योग का आरंभ। गर करण प्रातः 08 बजकर 45 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चंद्रमा दिन रात धनु राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - सोम प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि व्रत, मेरु त्रयोदशी (जैन) गण्डमूल प्रातः 09 बजकर 02 मिनट तक।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 11 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 56 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 26 मिनट से 6 बजकर 19 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से 3 बजकर 4 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से रात में 1 बजे तक। गोधूलि बेला शाम में 5 बजकर 54 मिनट से 6 बजकर 20 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह 7 बजकर 11 मिनट से 8 बजकर 32 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजकर 56 मिनट से 1 बजकर 39 मिनट तक। भद्राकाल का समय रात में 8 बजकर 34 मिनट से अगले दिन सुबह 7 बजकर 11 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।