भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, माघ कृष्ण, चतुर्थी, सौर माघ मास प्रविष्टे 04, रज्जब 16, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 17 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। चतुर्थी तिथि अगले दिन सुबह 05 बजकर 31 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
मघा नक्षत्र मध्याह्न 12 बजकर 45 मिनट तक उपरांत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ। सौभाग्य योग अर्धरात्रोत्तर 12 बजकर 57 मिनट तक उपरांत शोभन योग का आरंभ। बव करण सायं 04 बजकर 49 मिनट तक उपरांत कौलव करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा। चंद्रोदय का समय रात में 9 बजकर 9 मिनट पर।
आज के व्रत त्योहार श्री गणेश संकट चतुर्थी व्रत। गौरी वक्रतुण्ड चतुर्थी।
सकट चौथ का चांद निकलने का समय
दिल्ली - 9 बजकर 9 मिनट
नोएडा- 9 बजकर 7 मिनट
गुरुग्राम - 9 बजे
गाजियाबाद - 9 बजकर 8 मिनट
लखनऊ - 8 बजकर 55 मिनट
मथुरा- 9 बजकर 8 मिनट
मुंबई- 9 बजकर 34 मिनट
अमृतसर - 9 बजकर 16 मिनट
अहमदाबाद - 9 बजकर 32 मिनट
आगरा - 9 बजकर 5 मिनट
पटना - 8 बजकर 44 मिनट
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 14 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 47 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 24 मिनट से 3 बजकर 6 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 10 मिनट से रात में 1 बजकर 4 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 54 मिनट 6 बजकर 21 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। अमृत काल का समय सुबह 8 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 52 मिनट तक। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 9 बजकर 25 मिनट से 10 बजकर 8 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 12 बजकर 58 मिनट से 1 बजकर 41 मिनट तक। अमृत काल सुबह में 8 बजकर 33 मिनट से 9 बजकर 52 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।