भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, पौष शुक्ल, द्वादशी, सौर पौष मास प्रविष्टे 28, रज्जब 10, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 11 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि प्रातः 08 बजकर 22 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।
रोहिणी नक्षत्र मध्याह्न 12 बजकर 29 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। शुक्ल योग पूर्वाह्न 11 बजकर 48 मिनट तक उपरांत ब्रह्म योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 08 बजकर 22 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 11 बजकर 55 मिनट तक वृष उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार शनि प्रदोष व्रत, सर्वार्थ सिद्धि योग। त्रयोदशी तिथि का क्षय।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 15 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 43 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से 3 बजकर 3 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 8 मिनट से रात में 1 बजकर 2 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 50 मिनट 6 बजकर 17 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इसी के साथ सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से शाम में 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 7 बजकर18 मिनट से 8 बजे तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।