भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बृहस्पतिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, पौष शुक्ल, दशमी, सौर पौष मास प्रविष्टे 26, रज्जब 08, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 09 जनवरी सन् 2025 ई॰। सूर्य उत्तरायण दक्षिण गोल, शिशिर ऋतुः। राहुकाल अपराह्न 01 बजकर 30 मिनट से 03 बजे तक। दशमी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 23 मिनट तक उपरांत एकादशी तिथि का आरंभ।
भरणी नक्षत्र अपराह्न 03 बजकर 07 मिनट तक उपरांत कृतिका नक्षत्र का आरंभ। साध्य योग सायं 05 बजकर 29 मिनट तक उपरांत शुभ योग का आरंभ। गर करण मध्याह्न 12 बजकर 23 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 08 बजकर 47 मिनट तक मेष उपरांत वृष राशि पर संचार करेगा।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजकर 15 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 41 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 30 मिनट से 6 बजकर 24 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 20 मिनट से 3 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से रात में 1 बजकर 1 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 48 मिनट 6 बजकर 15 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक राहुकाल। इसी के साथ सुबह में 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 10 बजकर 49 मिनट से 11 बजकर 31 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 3 बजकर 2 मिनट से 3 बजकर 44 मिनट तक। भद्राकाल का समय रात में 11 बजकर 20 मिनट से अगले दिन सुबह में 7 बजकर 17 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।