चम्पावत, नैनीताल व उधमसिंह नगर जनपदों की सीमा से लगे सेनापानी रेंज के घने जंगलों के बीच स्थित ब्यानधुरा मंदिर सड़क से 35 किमी दूर एक ऊंची चोटी पर है। इस मंदिर में विराजमान देवता को ऐड़ी देवता कहा जाता है। वैसे तो पूरे कुमाऊं के विभिन्न स्थानों पर ऐड़ी देवता के मंदिर स्थित है परन्तु ब्यानधुरा स्थित इस ऐड़ी देवता के मंदिर की पौराणिक मान्यता उनमें से सबसे अधिक है, इसी कारण समूचे कुमाऊं में इसे ‘देवताओं की विधानसभा’ के नाम से भी जाना जाता है।
कहा जाता है कि इस मंदिर में अनेक चमत्कार होते रहते हैं। इस मंदिर में ऐड़ी देवता को जहां लोहे के धनुष-बाण तो चढ़ाये जाते ही हैं , वहीं अन्य देवताओं को अस्त्र-शस्त्र चढ़ाने की परम्परा भी है। इस मंदिर की पौराणिकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर को शिव के 108 ज्योर्तिलिंगों में से एक की मान्यता प्राप्त है।
हर वर्ष की भांति ब्यानधुरा मंदिर में लगने वाली जागरण 14 .1. 2023 को लगेगी तथा 15.1.2023 सुबह स्नान एवं पूजा पाठ होगी सभी भक्तजनों को बताने की कृपा करें तथा मैदानी क्षेत्र से आने वाले भक्तों को सूचित किया जाता है जैसे खटीमा, नानकमत्ता ,हल्द्वानी, पीलीभीत, सितारगंज, भीमताल ,आदि क्षेत्र से आने वाले भक्तों के लिए पुजारी दया किशन जोशी द्वारा एक नए रास्ते का निर्माण हुआ है जोकि इस प्रकार है सबसे पहले आपको झनकट बिरिया मझोला फिर दूगाड़ी से कॉल देव से डाक बंगला तक आपकी गाड़ी जाएगी वहां से केवल 1 घंटा 20 मिनट में ब्यानधुरा मंदिर पहुंच जाएंगे, बहुत ही शार्ट रास्ता है।