भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, मार्गशीर्ष, शुक्ल, पंचमी, सौर मार्गशीर्ष मास प्रविष्टे 21, जमादि उल्सानी-03, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 06 दिसम्बर सन् 2024 ई.। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, हेमन्त ऋतु। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक।
पंचमी तिथि मध्याह्न 12 बजकर 08 मिनट तक उपरांत षष्ठी तिथि का आरंभ। श्रवण नक्षत्र सायं 05 बजकर 19 मिनट तक उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र का आरंभ। ध्रुव योग पूर्वाह्न 10 बजकर 43 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। बालव करण मध्याह्न 12 बजकर 08 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा अगले दिन सुबह 058 बजकर 07 मिनट तक मकर उपरांत कुंभ राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार श्री पंचमी, श्रीराम विवाहोत्सव, नाग पंचमी, स्कन्द (गुह) षष्ठी।
सूर्योदय का समय - सुबह में 7 बजे।
सूर्यास्त का समय - शाम में 5 बजकर 24 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 14 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 3 मिनट से 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 51 मिनट से से 12 बजकर 45 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 31 मिनट से 5 बजकर 58 मिनट तक। अमृत काल सुबह 8 बजकर 18 मिनट से 9 बजकर 36 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। वहीं, सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल रहेगा। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल सुबह में 7 बजकर 2 मिनट से 8 बजकर 26 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।