भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज सोमवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, आश्विन, कृष्ण, त्रयोदशी, सौर आश्विन मास प्रविष्टे 15, रबि-उल्लावल 26, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 30 सितम्बर सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, दक्षिण गोल, शरद ऋतु। राहुकाल प्रातः 07 बजकर 30 मिनट से 09 बजे तक। त्रयोदशी तिथि सायं 07 बजकर 07 मिनट तक उपरांत चतुर्दशी तिथि का आरंभ।
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र प्रातः सूर्योदय से लेकर अगले दिन प्रातः 09 बजकर 16 मिनट तक उपरांत उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का आरंभ। शुभ योग अर्धरात्रोत्तर 01 बजकर 18 मिनट तक उपरांत शुक्ल योग का आरंभ। वणिज करण सायं 07 बजकर 07 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ। चन्द्रमा दिन रात सिंह राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार - सोम प्रदोष व्रत, मास शिवरात्रि व्रत, त्रयोदशी का श्राद्ध।
सूर्योदय का समय- सुबह 6 बजकर 13 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 8 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 37 मिनट से 5 बजकर 25 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 10 मिनट से 2 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 11 बजकर 47 मिनट से से 12 बजकर 35 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 8 मिनट से 6 बजकर 32 मिनट तक। अमृत काल सुबह 6 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह में 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक। वहीं, दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक गुलिक काल रहेगा। सुबह में 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक यमगंड रहेगा। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजकर 35 मिनट से 1 बजकर 22 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 2 बजकर 57 मिनट से 3 बजकर 45 मिनट तक। भद्राकाल का समय शाम में 7 बजकर 6 मिनट से अगले दिन सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।