भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, भाद्रपद, कृष्ण, चतुर्थी सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 07, सफ़र 17, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 23 अगस्त सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, शरद ऋतु। राहुकाल पूर्वाह्न 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। चतुर्थी तिथि पूर्वाह्न 10 बजकर 39 मिनट तक उपरांत पंचमी तिथि का आरंभ।
रेवती नक्षत्र सायं 07 बजकर 54 मिनट तक उपरांत अश्विनी नक्षत्र का आरंभ। शूल योग प्रातः 09 बजकर 31 मिनट तक उपरांत गण्ड योग का आरंभ। बालव करण पूर्वाह्न 10 बजकर 39 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चंद्रमा सायं 07 बजकर 54 मिनट तक मीन उपरांत मेष राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार : पंचक समाप्त सायं 07 बजकर 54 मिनट पर, गण्डमूल विचार।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय- शाम में 6 बजकर 52 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 26 मिनट से 5 बजकर 11 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 52 मिनट से 7 बजकर 14 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 31 मिनट से 9 बजकर 9 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक गुलिक काल। दोपहर में 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 8 बजकर 30 मिनट से 9 बजकर 22 मिनट तक। इसके बाद दोपहर में 12 बजकर 49 मिनट से 1 बजकर 41 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।