आज राहु काल कब तक रहेगा व क्या है शुभ मुहूर्त आईये जानते हैं 17 अगस्त का पंचांग
भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, श्रावण शुक्ल, द्वादशी, सौर भाद्रपद मास प्रविष्टे 02, सफ़र 11, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 17 अगस्त सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। द्वादशी तिथि प्रातः 08 बजकर 06 मिनट तक उपरांत त्रयोदशी तिथि का आरंभ।
पूर्वाषाढ़ नक्षत्र पूर्वाह्न 11 बजकर 49 मिनट तक उपरांत उत्तराषाढ़ नक्षत्र का आरंभ। प्रीति योग पूर्वाह्न 10 बजकर 47 मिनट तक उपरांत आयुष्मान योग का आरंभ। बालव करण प्रातः 08 बजकर 06 मिनट तक उपरांत गर करण का आरंभ। चन्द्रमा सायं 05 बजकर 29 मिनट तक धनु उपरांत मकर राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार शनि प्रदोष व्रत, त्रयोदशी तिथि का क्षय।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 51 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 6 बजकर 58 मिनट तक।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 8 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 36 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 3 मिनट से 12 बजकर 47 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 6 बजकर 58 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 29 मिनट से 9 बजकर 8 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। इसके बाद सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक गुलिक काल। इसके बाद दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 5 बजकर 51 मिनट से 6 बजकर 44 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।