भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज बुधवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, श्रावण कृष्ण एकादशी, सौर श्रावण मास प्रविष्टे 16, मुहर्रम 24, हिजरी 1446 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 31 जुलाई सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहुकाल मध्याह्न 12 बजे से 01 बजकर 30 मिनट तक।
एकादशी तिथि अपराह्न 03 बजकर 56 मिनट तक उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ। रोहिणी नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 13 मिनट तक उपरांत मृगशिरा नक्षत्र का आरंभ। ध्रुव योग अपराह्न 02 बजकर 14 मिनट तक उपरांत व्याघात योग का आरंभ। बालव करण अपराह्न 03 बजकर 56 मिनट तक उपरांत तैतिल करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 10 बजकर 16 मिनट तक वृष उपरांत मिथुन राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार कामिका एकादशी व्रत, सर्वार्थ सिद्धि योग।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 42 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 12 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 18 मिनट से 5 बजे तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 42 मिनट से 3 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 13 मिनट से 7 बजकर 34 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 23 मिनट से 9 बजकर 5 मिनट तक।
आज का अशुभ मुहूर्त
राहुकाल सुबह 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक। सुबह 10 बजकर 30 मिनट से 12 बजे तक गुलिक काल। सुबह 7 बजकर 30 मिनट से 9 बजे तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल दोपहर में 12 बजे से 12 बजकर 54 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।