माघ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्थी तिथि को संकट चौथ कहा जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 10 जनवरी दिन मंगलवार को है। धार्मिक मान्यता है कि सकट चौथ का व्रत रखने से गौरी पुत्र श्री गणेश प्रसन्न होते हैं और सभी संकटों से रक्षा करते हैं। शास्त्रों में माघ माह की चतुर्थी का सबसे अधिक महत्व बताया गया है, क्योंकि इस दिन भगवान गणेश ने भगवान शिव जी और माता पार्वती की परिक्रमा की थी। जो लोग सकट चौथ के दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश की पूजा करते हैं, उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मंगलवार को जब भगवान गणेश की चतुर्थी पड़ती है तो इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। इस दिन गणेशजी के साथ हनुमानजी की पूजा करने का भी खास विधान है। इस दिन गणेशजी की पूजा की जाती है और इसे सकट चौथ भी कहते हैं। इस दिन माताएं अपने पुत्र की दीर्घायु के लिए व्रत करती हैं।
सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन गणेश जी की पूजा की जाती है। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है। ये व्रत खासतौर पर महिलाओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु और सुखी जीवन के लिए रखा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से विघ्नहर्ता गणेश संतान के सारे संकटों को दूर करते हैं।
पंचांग के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 10 जनवरी 2023 को दोपहर 12 बजकर 09 मिनट से शुरू होगी। वहीं अगले दिन 11 जनवरी को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर इस तिथि का समापन होगा। वैसे तो सकट चौथ के लिए उदया तिथि 11 जनवरी को प्राप्त हो रही है, लेकिन संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा की पूजा का खास विधान है, इसलिए सकट चौथ का व्रत 10 जनवरी 2023, मंगलवार को ही किया जाएगा।