भारतीय ज्योतिष शास्त्र में पंचांग का अपना महत्व है। पंचांग के अनुसार ही हम अपने धार्मिक क्रियाकलाप करते हैं। शुभ अशुभ का ज्ञान हमें प्राप्त होता है। आइये जानते हैं, आज के पंचांग के अनुसार कब है शुभ मुहूर्त और कब तक है राहुकाल और क्या है ग्रह चाल।
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शनिवार है। शक संवत 1946 , विक्रमी संवत 2081, आषाढ़, शुक्ला, प्रतिपदा, सौर आषाढ़ मास प्रविष्टे 23, जिल्हिजा 29, हिजरी 1445 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 06 जुलाई सन् 2024 ई। सूर्य दक्षिणायन, उत्तर गोल, वर्षा ऋतु। राहूकाल प्रातः 09 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। प्रतिपदा तिथि अगले दिन तड़के 04 बजकर 27 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ।
पुनर्वसु नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 27 मिनट तक उपरांत द्वितीया तिथि का आरंभ। पुनर्वसु नक्षत्र अगले दिन तड़के 04 बजकर 48 मिनट तक। व्याघात योग अर्धरात्रोत्तर 02 बजकर 47 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ। किस्तुघ्न करण सायं 04 बजकर 27 मिनट तक उपरांत बालव करण का आरंभ। चन्द्रमा रात्रि 10 बजकर 35 मिनट तक मिथुन उपरांत कर्क राशि पर संचार करेगा।
आज के व्रत त्योहार गुप्त नवरात्रि प्रारंभ।
सूर्योदय का समय - सुबह 5 बजकर 28 मिनट पर।
सूर्यास्त का समय - शाम में 7 बजकर 23 मिनट पर।
आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 48 मिनट तक। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 45 मिनट से 3 बजकर 40 मिनट तक रहेगा। निशिथ काल मध्यरात्रि रात में 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक। गोधूलि बेला शाम 7 बजकर 22 मिनट से 7 बजकर 42 मिनट तक। अमृत काल सुबह 7 बजकर 13 मिनट से 8 बजकर 57 मिनट तक।
आज का अशुभ
राहुकाल सुबह 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक। इसके बाद सुबह 6 बजे से 7 बजकर 30 मिनट तक तक गुलिक काल। दोपहर में 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 30 मिनट तक यमगंड। दुर्मुहूर्त काल सुबह 5 बजकर 29 मिनट से 7 बजकर 20 मिनट तक।
कोई भी शुभ समय या मुहूर्त के दौरान, राहुकाल गुलिक काल, यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माना जाता है।
अपने दैनिक पंचांग को रोजाना देखें और किसी भी नए काम को शुरू करने के लिए इसका पालन करें जैसे कि वैवाहिक समारोह, सामाजिक मामलों, महत्वपूर्ण कार्यक्रमों, उद्घाटन, नए व्यापार उपक्रम आदि जैसे शुभ कार्यक्रम इसके अनुसार करें।